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मकर संक्रांति

15 Jan, 2021 Pratapgarh
मकर संक्रांति
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15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, जानें क्या है सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

प्रतापगढ़। मकर संक्रांति हिंदुओं के बड़े पर्वों में से एक है। इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी 2020 को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही वैज्ञानिक महत्व भी बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर ही मकर संक्रांति योग बनता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। इस साल 14 जनवरी रात 2.08 बजे सूर्य उत्तरायण होंगे यानी सूर्य अपनी चाल बदलकर धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त।  

 

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त-

पुण्यकाल: सुबह 07.19 से 12.31 बजे तक

महापुण्य काल - 07.19 से 09.03 बजे तक  

मकर संक्रांति के दिन दान-दक्षिणा का विशेष महत्व-

ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि इस दिन  किया गया दान पुण्य और अनुष्ठान अभीष्ठ फल देने वाला होता है।

 

मोक्ष प्राप्ति के गंगा स्नान-

विद्वान पंडित राकेश झा शास्त्री का कहना है कि सनातन धर्म में मकर संक्रांति को मोक्ष की सीढ़ी बताया गया है। मान्यता है कि इसी तिथि पर भीष्म पितामह को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसके साथ ही सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण हो जाते हैं जिस कारण से खरमास समाप्त हो जाता है। प्रयाग में कल्पवास भी मकर संक्रांति से शुरू होता है। इस दिन को सुख और समृद्धि का दिन माना जाता है। गंगा स्नान को मोक्ष का रास्ता माना जाता है और इसी कारण से लोग इस तिथि पर गंगा स्नान के साथ दान करते हैं।

 

शनि की प्रिय वस्तुओं के दान से बरसती है कृपा-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव जब मकर राशि में आते हैं तो शनि की प्रिय वस्तुओं के दान से भक्तों पर सूर्य की कृपा बरसती है। इस कारण मकर संक्रांति के दिन तिल निर्मित वस्तुओं का दान शनिदेव की विशेष कृपा को घर परिवार में लाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन राशि अनुसार किस चीज का दान करने से व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति के साथ उसका 100 गुना वापस मिलता है।  

 

राशि के अनुसार करें दान-पुण्य-

मेष- तिल-गुड़ का दान दें, उच्च पद की प्राप्ति होगी।

वृष- तिल डालकर अर्घ्य दें, बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।

मिथुन- जल में तिल, दूर्वा तथा पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें, ऐश्वर्य प्राप्ति होगी।

कर्क- चावल-मिश्री-तिल का दान दें, कलह-संघर्ष, व्यवधानों पर विराम लगेगा।

सिंह- तिल, गुड़, गेहूं, सोना दान दें, नई उपलब्धि होगी।

कन्या- पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य दें, शुभ समाचार मिलेगा।

तुला- सफेद चंदन, दुग्ध, चावल दान दें। शत्रु अनुकूल होंगे।

वृश्चिक- जल में कुमकुम, गुड़ दान दें, विदेशी कार्यों से लाभ, विदेश यात्रा होगी।

धनु- जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प तथा मिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें, चारों-ओर विजय होगी।

मकर- तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें, अधिकार प्राप्ति होगी।

कुंभ- तेल-तिल का दान दें, विरोधी परास्त होंगे।

मीन- हल्दी, केसर, पीत पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें, सरसों, केसर का दान दें, सम्मान, यश बढ़ेगा।

 

 

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